Mukesh Ambani: मुकेश अंबानी की सुरक्षा में 55 कमांडो, हर महीने खर्च करते हैं 15 से 20 लाख, SC ने दिया यह आदेश

56

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्री के चेयरमैन मुकेश अंबानी की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बड़ा आदेश दिया है। सर्वोच्च अदालत ने मुकेश अंबानी और उनके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर फैसला सुनाते हुए कहा है केंद्र से कहा है कि उनकी सुरक्षा को जारी रखा जाए। कोर्ट ने कहा कि मुंबई में उन्हें मिलने वाली सुरक्षा पहले की तरह जारी रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने कही बड़ी बात

सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर त्रिपुरा हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार की याचिका को स्वीकार करते हुए केंद्र को मुकेश अंबानी और उनके परिवार को मिलने वाली सुरक्षा को जारी रखने का निर्देश दिया है। आपको बता दें कि त्रिपुरा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर मुकेश अंबानी और उनके परिवार को मिलने वाली सुरक्षा पर आपत्ति जताई गई थी। त्रिपुरा कोर्ट ने केंद्र सरकार से वो सारे दस्तावेज मांगे, जिनके आधार पर केंद्र मुकेश अंबानी को सुरक्षा अपलब्ध करवाती है। एक फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के दरवाजा खटखटाया और अब कोर्ट ने अंबानी की सुरक्षा को जारी रखने का निर्देश दिया है।

जेड प्लेस सिक्योरिटी के साथ रहते हैं मुकेश अंबानी

मुकेश अंबानी उन लोगों में शामिल हैं, जिन्हें सरकार ने जेड प्लस सिक्योरिटी दी है। उनकी सुरक्षा में 55 कमांडो हर वक्त मौजूद रहते हैं। इस सिक्योरिटी में 10 नेशनल सिक्यूरिटी गार्ड के के स्तर के कमांडो होते हैं। उनकी सिक्योरिटी टीम में सीआरपीएफ के 25 कमांडो शामिल होते हैं। सीआरपीएफ कमांडोज के अलावा उनकी टीम में गार्ड्स, ड्राइवर, पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर जैसे स्टाफ शामिल होते हैं

हर महीने खर्च करते हैं 15 लाख

मुकेश अंबानी बुलेटप्रूफ बीएमडब्लू या मर्सिडीज जैसी गाड़ियों में चलते हैं। अंबानी और उनके परिवार को मिलने वाली सिक्योरिटी के अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर स्थित रिफाइनरी की सुरक्षा का जिम्मा CISF के हाथों में है, जिसके लिए रिलायंस हर महीने 34 लाख रुपए खर्च करती हैं। वहीं अपनी सुरक्षा पर अंबानी हर महीने 15-16 लाख रुपए खर्च करते हैं।

जेड प्लस के साथ 20 पर्सनल सिक्योरिटी

मुकेश अंबानी को सरकार की ओर से जेड प्लस सिक्योरिटी मिली है, जिसमें 55 से 60 कमांडो शामिल होते हैं, जो उनके साथ 24 घंटे रहते हैं। Z प्लास सुरक्षा के साथ उन्होंने अपने पर्सनल सिक्योरिटी भी रखा है। उनके साथ 20 पर्सनल सपरक्षा गार्ड्स होते हैं, जो बिना हथियारों के होते हैं, लेकिन ट्रेंड होते हैं। अंबानी के सुरक्षा गार्ड्स इजराइल स्थित सिक्योरिटी-फर्म ने ट्रेनिंग हासिल किए हुए हैं। इस टीम में सेना के रिटायर्ड और NSG के जवान भी शामिल हैं।

खुद उठाते हैं Z+ सिक्योरिटी का खर्च

मुकेश अंबानी देश के पहले और एकलौते बिजनेसमैन हैं, जिन्हें ये सुरक्षा मिली है। मुकेश अंबानी सरकार की ओर से मिली इस जेड प्लस सिक्योरिटी का खर्च खुद उठाते हैं। वो अपनी सुरक्षा पर हर महीने 15-20 लाख रुपए का खर्च करते हैं। आपको बता दें कि अधिकांश मामलों में सरकार ये खर्च उठाती है, लेकिन सरकार पर बोझ न डालते हुए उन्होंने ये खर्च खुद उठाने का फैसला किया।

Z प्लस सिक्योरिटी पाने वाले देश के पहले बिजनेसमैन

मुकेश अंबानी देश के पहले बिजनेसमैन हैं, जिन्हें ये सुरक्षा मिली है। अंबानी को ये सुरक्षा साल 2013 में मिली थी, जब उन्हें आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से धमकी मिल रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों ने भी उनपर हमले की आशंका जताई थी, जिसके बाद यूपीए सरकार ने 2013 में उन्हें जेड प्लास सिक्योरिटी दी।

 

Previous articleहमारी अर्थव्‍यवस्‍था का आधार मजबूत और लचीला है- शक्तिकांत दास