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जब रोटीया नहीं बनाना है, NRC नहीं करना तो आटा काहे गुथते जा रहे हैं - कविता कृष्णन

कामरेड कविता ने कहा कि NPR NRC CAA से मुस्लिम ही नहीं, गैर मुस्लिम लोगों को भी खतरा है. *NPR के तहत सरकारी बाबू या तहसीलदार किसी को भी संदिग्ध नागरिक घोषित कर सकता है. इससे भारी भ्रष्टाचार की जगह बनेगी, और सरकार के पास सत्ता होगी कि वह सरकार से सवाल करने वाले, अपने अधिकार मांगने वाले किसी को भी वोटर लिस्ट से संदिग्ध कह कर हटा सकती है

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जब रोटीया नहीं बनाना है, NRC नहीं करना तो आटा काहे गुथते जा रहे हैं - कविता कृष्णन


बेतिया,18फरवरी 2020, नभास टाइम्स बिहार: बिहार दौरे पर पहुचीं देश की चर्चित महिला नेत्री व भाकपा-माले पोलित ब्यूरो सदस्य काॅ. कविता कृष्णन देर रात्रि देवराज और बेतिया राजदेवडी में चल रहे सीएए, एनआरसी,एनपीआर के खिलाफ अनिश्चित कालीन धरना को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी जी कह रहे हैं कि अभी हाल फिलहाल एनआरसी नहीं करना है , इस पर कविता कृष्णन ने कहा कि जब रोटीयां बनाना है (एनआरसी नहीं करना है) तो आटा काहे गुथते जा रहे हैं (एनपीआर काहे करने पर तुले हुए हैं)।

जब रोटीया नहीं बनाना है, NRC नहीं करना तो आटा काहे गुथते जा रहे हैं - कविता कृष्णन

आगे कहा कि असम में एनआरसी से सबसे ज्यादा 70% महिलाऐं लिस्ट से बाहर हो गई है। महिलाओं के पास 1970 या 1950 का कोई जन्म संबंधित और संपत्ति का कागजात नहीं है और नहीं होता हैं, इस लिए जब पुरे देश में एनआरसी, एनपीआर होगा तो सबसे ज्यादा सभी जातीयों, धर्मो की महिलायें विदेशी घोषित कर दी जाऐगीं,इस लिए खतरा सभी परिवारों के साथ है,हिन्दू मुस्लिम का मामला नहीं है, ऐसा असम में हुआ है। शाहीन बाग में चल रहे धरने पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा कहें जाने पर कि सड़क बंद कर अंनत काल तक धरना नही किया जा सकता हैं, इस पर कविता ने कहा कि देश गहरी खाईं कि तरह जा रहा था,उस खाईं में गिरने के बाद देश टुकड़े टुकड़े हो जाता, उस खाईं में गिरने से बचने के लिए शाहीन बाग कि महिलाओं ने सड़क पर खड़े हो कर खाईं में गिरने से रोक दिया है, पुरे देश को जगा दिया है,पुरे देश की महिलाओं ने उस खतरे से अवगत कराने का काम कर रहीं हैं इस लिए शाहीन बाग कि महिलाओं को, बच्चे-बच्चियों को सलाम करते हुए कहा कि देश के सभी देशवासियों का, सभी नागरिकों का जवाबदेही है कि देश को बचाने के लिए आंदोलन में शामिल हो कर मोदी सरकार को पिछे हटाने का काम करें।

कामरेड कविता ने कहा कि NPR NRC CAA से मुस्लिम ही नहीं, गैर मुस्लिम लोगों को भी खतरा है. *NPR के तहत सरकारी बाबू या तहसीलदार किसी को भी संदिग्ध नागरिक घोषित कर सकता है. इससे भारी भ्रष्टाचार की जगह बनेगी, और सरकार के पास सत्ता होगी कि वह सरकार से सवाल करने वाले, अपने अधिकार मांगने वाले किसी को भी वोटर लिस्ट से संदिग्ध कह कर हटा सकती है, या हटाने की धमकी से उन्हें खामोश कर सकती है. ऐसी हालत में अपने नागरिकों बचाने की जिम्मेदारी, काला कानून को रोकने काम राज्य सरकार का भी है।इस लिए नीतीश सरकार एनपीआर को रोकने का काम करें। उन्होंने कहा कि 25 फरवरी को एनपीआर पर रोक लगाने के लिए भाकपा-माले के विधानसभा मार्च को ऐतिहासिक बनाने के लिए पटना चलने का अपील किया।
Nabhas Times Team | Staff Writer    Updated On : Tuesday, February 18, 2020

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